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काश! मैंने फाइनेंस के ये 6 सबक स्कूल में ही सीख लिए होते

सच कहूं तो मुझे इस बात का अफसोस होता है कि ये आसान से फाइनेंस के सबक मैंने स्कूल में क्यों नहीं पढ़े। अगर पढ़ लिए होते, तो मेरी ज़िंदगी काफ़ी आसान हो जाती। और इस तरह से मैं कई गलतियां करने से बच जाता (जाहिर है कि आज मैं फाइनेंस के मामले में और भी बढ़िया होता)।

मैंने स्कूल में गणित, फिजिक्स (भौतिकी), इतिहास समेत तीन भाषाएं खूब पढ़ी हैं। इनमें जो मैंने सबक सीखे उनके जरिए दुनिया को देखने और समझने का मेरा नजरिया विकसित हुआ। वैसे सच कहूँ तो ये सबक हर रोज के दुनियावी कामों के लिए उतने उपयोगी साबित नहीं हुए। मुझे इस बात पर अफसोस होता है कि ये आसान से फाइनेंस के सबक मैंने स्कूल में क्यों नहीं पढ़े। अगर पढ़ लिए होते, तो मुझे जिंदगी में बड़े काम आते। और इस तरह से मैं कई गलतियां करने से बच जाता (जाहिर है कि आज मैं फाइनेंस के मामले में और भी बढ़िया होता)।

1. मुद्रास्फीति बरकरार रहेगी

मुद्रास्फीति का मतलब है कि आपके खर्चों का तब भी बढ़ना जब आप अपने लिए कुछ अलग नहीं कर रहे हों बल्कि वैसी ही जिंदगी जी रहे हों जैसी पहले जी रहे थे। हमने वह समय देखा है जब भारत में मुद्रास्फीति की दर 8 फीसदी सालाना से भी ऊपर थी। मौजूदा समय में ये 4-5 फीसदी सालाना है। इस दर पर आपका एक दशक में सालाना खर्चा 50 फीसदी बढ़ जाएगा। 

2. बस बचत नहीं, निवेश भी करें  

आप अपनी आमदनी के एक हिस्से को बचा सकते हैं। अगर आप इस पैसे का निवेश परंपरागत संपत्ति (जैसे बैंक एफडी, सेविंग बैंक अकाउंट बैलेंस या इंश्योरेंस के तौर पर कर देते हैं), तो आप मुद्रास्फीति की मार से आसानी से बच सकते हैं। अगर आपको इस बात पर यकीन नहीं है, तो आप अपने बैंकर से पूछिए कि वह कहां निवेश करते हैं। अगर आपको इस से बचना है तो आप अपने पैसे को मुद्रास्फीति के आगे  रहने वाली चीजों में लंबे समय के लिए निवेश कर दें।

3. निवेश कर रहे हैं तो धीरज रखें 

कुछ लोग जब बड़ी डील और बड़ा रिटर्न पा जाते हैं तो वे खुशी से फूले नहीं समाते. लेकिन जब वे पैसा खो देते हैं तो उनकी जबान से चूं तक नहीं निकलती। ऐसे लोगों के प्रभाव में ना आएं। ध्यान रखें कि निवेश करने के बाद आपको धीरज रखना होता है। ऐसे में आपकी दौलत को बढ़ने में वक्त लगता है। तेजी और जल्दी पैसे बनाने वाली स्कीम शॉर्ट टर्म वाली होती हैं, लेकिन इन स्कीमों के जरिए अक्सर निवेशक अपने पैसे गंवाते हैं।

4. देश की तरक्की में हिस्सेदार बनें

एक तरीका ये है कि आप देश की तरक्की में भागीदार बने । इसके लिए आप टॉप कंपनियों के शेयर खरीदें और उन कंपनियों को जब फायदा मिलता है तो आप भी लाभान्वित होंगे। टॉप कंपनियां देश की जीडीपी के हिसाब से ही विकास करती हैं और इस तरह से एक लंबे अंतर से मुद्रास्फीति को मात देती हैं।

5. म्युचुअल फंड बरकरार रहेगा

भारत में लोग बहुत कम पैसा म्युचुअल फंड में लगाते है। जबकि विकसित देशों में लोग अपनी आमदनी का ज्यादातर हिस्सा म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं। जैसे भी कोई देश विकास करता है, ज्यादा से ज्यादा लोगों का पैसा म्युचुअल फ़ंड  में लगाया जाता है। भारत की टॉप कंपनियों की तरक्की में शामिल होने का ये सबसे आसान तरीका है और इसमें पैसे भी कम लगते हैं।

6. अपने टैक्स की योजना अच्छी तरह से बनाएं

आपकी आमदनी पर पूरा टैक्स लग सकता है। जब आपकी आमदनी बढ़ती है, इस पर टैक्स तब ही लगता है जब आपको फायदा हो रहा हो। वैसे अगर आपको आने वाले सालों में फायदा मिलने वाला है तो आपकी आमदनी के मुकाबले इसमें टैक्स कम लगेगा। अगर आप निवेश सोच समझकर करते हैं तो आप टैक्स कम कर सकते हैं। इससे आपके  पोर्टफोलियो की ग्रोथ पर बड़ा असर पड़ता है।

मैं उम्मीद करता हूं कि हमारे स्कूल गणित या भूगोल के साथ इन 6 सब्जेक्ट्स को भी पढ़ाना आरम्भ करेंगे, ताकि हमारे बच्चे इन चीजों को कल बेहतर तरीके से समझ पाएं।

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