'Sahi' way to save tax - Scripbox Tax Saver
EXPLORE
Skip to main content
Scripbox Logo

अपने बच्चों से पैसों को लेकर कैसे करें बातचीत? जानें

अगर आप बच्चों से पैसों के बारे में बातचीत करते हैं तो वे ज्यादा निर्भीक बनेंगे और पैसों को लेकर दक्ष रहेंगे। यह फाइनेंशियल सिक्योरिटी की ओर जल्दी उठाया गया कदम है। तो आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने बच्चों से पैसों को लेकर बातचीत करें।

बच्चों से पैसों को लेकर बातचीत करना और उसके बारे में उन्हें समझाना बड़ों के लिए कठिन काम है। बहरहाल, पैसों को लेकर बच्चों को कम उम्र से ही समझाना शुरू कर देना चाहिए। इसी तरह से पैसों को लेकर उनकी हिचकिचाहट कम की जा सकेगी। जब हिचकिचाहट कम होगी तो बड़े होकर ना सिर्फ वे पैसे के बारे में बेहतर समझेंगे बल्कि उसका इस्तेमाल सही अंदाज में करेंगे। 

अगर आप बच्चों से पैसों के बारे में बातचीत करते हैं तो वे ज्यादा निर्भीक बनेंगे और पैसों को लेकर दक्ष रहेंगे। यह फाइनेंशियल सिक्योरिटी की ओर जल्दी उठाया गया कदम है। तो आइए जानते हैं कि कैसे आप अपने बच्चों से पैसों को लेकर बातचीत करें।

1. बच्चों को जागरुक बनाएं

अपने बच्चों को ये बताने में बिल्कुल संकोच न करें कि हर चीज़ पैसे में आती है। पढ़ाई-लिखाई से लेकर कपड़ों तक, खाना से लेकर खिलौनों तक हर चीज की कीमत होती है। एक माता-पिता के तौर पर इस खर्च को वहन के लिए आपकी जो आमदनी है वो खर्च करनी होती है। वह आमदनी मेहनत करने से होती है और तब ही आप चीजों को लेकर खर्च कर पाते हैं। 

बच्चे जब पैदा होते हैं तो उन्हें नहीं पता होता कि पैसे की कीमत क्या है। वे हर चीज़ अपने आस पास देखते हैं और इसलिए वे इसके पीछे की मेहनत को नहीं देख पाते। ये मत समझिए कि धीरे-धीरे वे समझ जाएंगे बल्कि उन्हें बताएं कि हर चीज़ की एक कीमत होती है। कभी कभार अपने बच्चे को सब्जी और किराने का सामान खरीदने के लिए ले जाएं। उन्हें पैसे दें और दुकानदार को पैसे देने को कहें।

अपने बच्चों से बुनियादी ज़रूरतों जैसे बिजली और फोन की कीमत के बारे में बातचीत करें। सार्वजनिक ज़रूरतों के लिए लगने वाले टैक्स के बारे में उनसे बातचीत करें। ये आसान सी बातें हैं लेकिन पैसे का उपयोग कैसे किया जाए ये जरूरी है। 

2. जिम्मेदार बनाएं

बच्चों को पैसे के मायने समझाने में थोड़ा वक्त लगेगा। पैसे का इस्तेमाल समझाने के साथ, आप उन्हें दिखा सकते हैं कि पैसे से आप एंटरटेनमेंट और घूमना-फिरना वहन कर सकते हैं। इस स्टेज पर चीजें थोड़ी कठिन होने लगेंगी। जरूरी खर्चों के मुकाबले फन के लिए खर्च करना हमेशा आसान होगा। इसलिए ये संतुलन बनाना बहुत जरूरी है। यही समय है जब आपको उनसे जिम्मेदारी से कैसे पैसे खर्च करें, इस बारे में बातचीत करनी चाहिए। ताकि आप जरूरी खर्चों और फन के लिए खर्च किए जाने वाले पैसे के बीच संतुलन बना सकें।   

कई सारे मां-बाप अपने बच्चों को पॉकेट मनी देते हैं ताकि वे समझ सकें कि पैसे कैसे खर्च करते हैं। यह अच्छा अभ्यास है। वैसे आपको एक कदम और आगे बढ़ाते हुए उन्हें कुछ जिम्मेदारी वाली खरीदारी के लिए बोलना चाहिए। जैसे खुद ही अपनी कॉपी-किताबें खरीदें और फन के लिए पैसे खर्च करें, जैसे- खिलौने या कैंडी खरीदना। 

अपने बच्चों से पैसों को लेकर बातचीत करने की कोई उम्र नहीं होती। बल्कि आप समय-समय पर उनसे बताते रहें कि फलाना चीज़ बहुत महंगी है और उसका खर्च आप वहन नहीं कर सकते। इस तरह से ना सिर्फ आपका बच्चा जागरुक होगा बल्कि जब वह बड़ा होगा तब अपने पैसों को बेहतर तरीके से खर्च कर पाएगा।

Achieve all your financial goals with Scripbox. Start Now